आगाज़
कम्प्यूटर के की-बोर्ड की कुँजियों के साथ खेलते-खेलते कल जेहन में एक विस्फोट सा हुआ। न जाने कहाँ ...
Kanishka Chauhan द्वारा 13 जून, 2008 11:48:00 AM IST पर पोस्टेड
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इक़बाल
सारे जहां से अच्छा, हिंदोस्तां हमारा। हम बुलबुले हैं इसकी ये गुलसितां हमारा।। गुरबत में हों अगर ...
Kanishka Chauhan द्वारा 17 जून, 2008 3:50:00 PM IST पर पोस्टेड
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